Rajasthan High Court Class IV Bharti 2025: 7 साल से अटकी भर्ती, 5670 पदों पर संकट

राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए राजस्थान हाई कोर्ट चतुर्थ श्रेणी भर्ती (Class IV Bharti) एक महत्वपूर्ण अवसर रही है। लेकिन पिछले 7 सालों से यह भर्ती लगातार विवादों और देरी का शिकार बनी हुई है। ताजा स्थिति के अनुसार, 2025 में 5670 पदों पर निकली भर्ती भी अटक गई है, जिससे करीब 8 लाख से अधिक अभ्यर्थी इंतजार में हैं। Rajasthan High Court Group D
इस लेख में हम आपको इस भर्ती से जुड़ी पूरी जानकारी, देरी के कारण, फीस वृद्धि और अभ्यर्थियों की समस्याओं के बारे में विस्तार से बताएंगे।
📌 7 साल में सिर्फ 2 बार भर्ती, परीक्षा एक बार भी नहीं
राजस्थान हाई कोर्ट में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती पिछले 7 वर्षों में केवल दो बार निकाली गई, लेकिन हैरानी की बात यह है कि एक बार भी परीक्षा आयोजित नहीं हो पाई।
- 2019 में भर्ती निकली थी – लगभग 3678 पद
- लेकिन यह भर्ती बाद में रद्द कर दी गई
- इसके बाद 2025 में 5670 पदों पर नई भर्ती निकाली गई
- लेकिन यह भर्ती भी अभी तक प्रक्रिया में अटकी हुई है
इस वजह से लाखों उम्मीदवारों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
📌 8 लाख से अधिक अभ्यर्थी कर रहे इंतजार
इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की संख्या 8 लाख से ज्यादा बताई जा रही है। ये सभी अभ्यर्थी कई वर्षों से परीक्षा की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
लंबे समय तक भर्ती प्रक्रिया पूरी न होने के कारण:
- अभ्यर्थियों की आयु सीमा प्रभावित हो रही है
- तैयारी करने में आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ रहा है
- कई उम्मीदवारों को बार-बार फीस भरनी पड़ रही है
📌 फीस में 333% तक की बढ़ोतरी
इस भर्ती में सबसे बड़ा विवाद आवेदन फीस में भारी बढ़ोतरी को लेकर भी है।
पहले (2019 में):
- सामान्य वर्ग: ₹150
- अन्य वर्ग: ₹100
अब (2025 में):
- सामान्य वर्ग: ₹650
- ओबीसी/एमबीसी: ₹550
- एससी/एसटी: ₹450
👉 यानी फीस में लगभग 333% तक की वृद्धि हुई है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
📌 चयन प्रक्रिया तय, लेकिन परीक्षा बाकी
भर्ती की चयन प्रक्रिया पहले ही तय की जा चुकी है:
- न्यूनतम योग्यता: 10वीं पास
- लिखित परीक्षा: 85 अंक
- साक्षात्कार (इंटरव्यू): 15 अंक
लेकिन अभी तक लिखित परीक्षा की तारीख घोषित नहीं की गई है, जिससे पूरी प्रक्रिया रुकी हुई है।
📌 आखिर क्यों हो रही है देरी?
भर्ती में देरी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं:
- प्रशासनिक निर्णयों में देरी
- पिछली भर्ती (2019) का रद्द होना
- नई भर्ती प्रक्रिया में बदलाव
- बढ़ती संख्या में आवेदन और प्रबंधन की समस्या
इन सभी कारणों से भर्ती प्रक्रिया लगातार टलती जा रही है।
📌 अभ्यर्थियों की मुख्य समस्याएं
इस भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों ने कई समस्याएं सामने रखी हैं:
🔸 1. लंबे समय तक इंतजार
6–7 साल तक भर्ती का इंतजार करना युवाओं के करियर पर असर डाल रहा है।
🔸 2. आर्थिक नुकसान
फीस में बढ़ोतरी और बार-बार आवेदन करने से आर्थिक दबाव बढ़ा है।
🔸 3. आयु सीमा का खतरा
कई अभ्यर्थी अब ओवरएज होने के करीब पहुंच चुके हैं।
🔸 4. मानसिक तनाव
भर्ती में अनिश्चितता के कारण तनाव और निराशा बढ़ रही है।
📌 अभ्यर्थियों की मांगें
अभ्यर्थी सरकार और हाई कोर्ट प्रशासन से लगातार मांग कर रहे हैं:
- जल्द से जल्द परीक्षा तिथि घोषित की जाए
- फीस में राहत दी जाए
- भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए
- ओवरएज अभ्यर्थियों को आयु में छूट दी जाए
📌 क्या आगे हो सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से लेता है तो:
- जल्द परीक्षा तिथि जारी हो सकती है
- भर्ती प्रक्रिया को तेज किया जा सकता है
- अभ्यर्थियों को राहत मिलने की संभावना है
लेकिन फिलहाल स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।
👉 लेटेस्ट अपडेट (महत्वपूर्ण): मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजस्थान हाई कोर्ट Class IV भर्ती 2025 की परीक्षा जुलाई 2026 तक होने की संभावना है, लेकिन अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार करें।
📌 निष्कर्ष (Conclusion)
राजस्थान हाई कोर्ट चतुर्थ श्रेणी भर्ती 2025 लाखों युवाओं के लिए उम्मीद का बड़ा अवसर है, लेकिन 7 साल से चली आ रही देरी ने इसे एक गंभीर मुद्दा बना दिया है। 5670 पदों पर भर्ती अटकी होने से अभ्यर्थियों में नाराजगी और चिंता दोनों बढ़ रही हैं।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन कब तक इस भर्ती प्रक्रिया को पूरा करता है और अभ्यर्थियों को राहत मिलती है।
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