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Rajasthan Panchayat Election 2025 Latest Update, राजस्थान पंचायत चुनाव सरपंच और पंच 2025 कब होंगे और कब नही जानें पूरी जानकारी यहां से

क्या प्रदेश की 6759 पंचायतों में नियुक्त होंगे प्रशासक

निकाय की तरह पंचायत के वार्डों के परिसीमन की तैयारी; आयोग ने चुनाव की तैयारियां शुरू की

प्रदेश के 49 शहरी निकायों के बाद अब प्रदेश की 6 हजार 759 ग्राम पंचायतों में प्रशासक लगाने की तैयारी की जा रही है। निकायों की तर्ज पर पंचायतों के वार्डों के परिसीमन पर भी विचार किया जा रहा है।

इन ग्राम पंचायतों का जनवरी में कार्यकाल पूरा हो रहा है। इससे पहले अब चुनाव के आसार नहीं हैं। सरकार ने शहरी निकायों और पंचायतों के चुनाव एक साथ करवाने के लिए अभी फैसला नहीं किया है।

उधर, राज्य निर्वाचन आयोग ने जनवरी में चुनाव करवाने की तैयारी शुरू करते हुए हर पंचायत में वोटर लिस्ट अपडेट करने के लिए प्रगणक लगाने के आदेश दिए हैं।

दो दिन पहले (25 नवंबर को) ही प्रदेश के 49 शहरी निकायों में प्रशासक लगाए थे। इन निकायों का कार्यकाल पूरा हो गया था। पंचायतों में ग्राम सचिवों को प्रशासक लगाया जा सकता है। जिन पंचायतों का कार्यकाल जनवरी में पूरा हो रहा है, उनके चुनाव आगे खिसकाया जाना तय माना जा रहा है।

‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ को लेकर सरकार में हाई लेवल पर मंथन चल रहा है। अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। इसे लेकर जल्द एक मंत्री लेवल कमेटी बनाने की तैयारी है। सरकार बजट सत्र तक इस पर फैसला ले सकती है। बजट सत्र में इसे लेकर बिल लाया जा सकता है।

इन पंचायतों में होने है चुनाव 2025 मै

  1. जनवरी 2025 में 6975 ग्राम पंचायतों में
  2. मार्च 2025 में 704 ग्राम पंचायतों में
  3. अक्टूबर 2025 में 3846 ग्राम पंचायतों

(अगले साल इन ग्राम पंचायतों में पांच साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है)

राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू की

सरकार की तैयारियों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने जनवरी में पंचायत चुनाव करवाने की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के लिए वोटर लिस्ट अपडेट करने के लिए प्रगणक नियुक्त करने को कहा है।

पंचायत के तीन या चार वार्डों के लिए एक प्रगणक नियुक्त होगा। एक प्रगणक के पास आवंटित वार्डों में 1100 से ज्यादा वोटर नहीं होंगे। आयोग ने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को ही प्रगणक नियुक्त करने को कहा है।

पंचायतों में प्रशासक लगने पर सरपंच और वार्ड पंच नहीं रहते। पंचायत के सारे अधिकार प्रशासक के पास ही रहते हैं। जो विकास के काम सरपंच स्तर पर होते थे, वे प्रशासक मंजूर करता है

निकाय-पंचायतों में पदों की संख्या

सरपंच 11,320
पंच1,09,228
पंचायत समिति सदस्य6,995
जिला पंचायत सदस्य1014
पार्षद7,500

पंचायतों में भी वार्डों का परिसीमन करवाने पर विचार

पंचायती राज और शहरी निकायों के चुनाव 5 साल में करवाने की कानूनी बाध्यता है। विशेष परिस्थितियों में ही इसे टालने का प्रावधान है। इसके लिए भी सुप्रीम कोर्ट तक जाना होता है

कोरोना के वक्त भी चुनाव टालने के लिए सरकार सुप्रीम कोर्ट गई थी। सरकार ने पिछले दिनों शहरी निकायों के वार्डों के परिसीमन का फैसला किया। वार्ड परिसीमन के कारण चुनाव आगे टालने का आधार मिल गया।

पंचायतों के चुनाव आगे खिसकाने के लिए भी पंचायतों के वार्डों का फिर से सीमांकन करवाने का आधार हो सकता है। ऐसे में पंचायतों के वार्ड परिसीमन पर भी कानूनी राय ली जा रही है।

पंजाब मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की वजह से अड़चनें

पिछले दिनों पंजाब में निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की वजह से राजस्थान में भी लंबे समय तक चुनाव टालने में दिक्कतें आ सकती हैं।

सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अध्ययन करवा रही है। इसके लिए कानूनी जानकारों से राय ली जा रही है। एडवोकेट जनरल से भी राय ली गई है।

वन स्टेट, वन इलेक्शन को लेकर कानूनी रास्ता निकालने में जुटी सरकार

‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ को लेकर कई तरह की कानूनी अड़चनें हैं। कानूनी दिक्कतों को दूर करने के लिए सरकार में अलग-अलग स्तर पर मंथन चल रहा है। 73वें और 74वें संविधान संशोधन के बाद ग्राम पंचायत और शहरी निकायों के चुनाव हर 5 साल में करना अनिवार्य है। इन्हें आपात स्थिति को छोड़कर आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। सरकार वार्ड परिसीमन को कानूनी बचाव के तौर पर इस्तेमाल कर सकती है।

सरपंच संघ ने की पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाने की मांग

सरपंच संघ ने ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ का समर्थन करते हुए पंचायतों में प्रशासक लगाने की जगह कार्यकाल बढ़ाने का सुझाव दिया है। सरपंच संघ इसे लेकर ज्ञापन दे चुका है। हालांकि सरकार ने उनकी मांग पर कोई फैसला नहीं किया। सरपंच संघ का तर्क है कि प्रशासक लगाने की जगह पंचायत लेवल पर सरपंच-वार्ड पंचों की कमेटी को अधिकार दे दिए जाएं। चुनाव होने तक वही कमेटी पंचायत चलाए।

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